अपने प्रभु श्री राम भाव भंगिमा देखिये

अपने प्रभु श्री राम भाव भंगिमा देखिये

यह चित्र भी आज के अद्भुत चित्रों में से एक है! नायक ऐसे होते हैं, जो अपना कर्म किया एवं उसके फल को निहारने के लिए घर पर परिवार के साथ हैं! नमन है आपको के पारासरण जी, मुझे तो वह महिला बहुत प्यारी लग रही हैं जो पीछे से मुलक रही हैं, उनकी भाव भंगिमा देखिये यही भक्ति है, जिसे वह लोग कभी नहीं समझ सकते जो अपने जीवन की छोटी छोटी परेशानियों के लिए भी राम को कठघरे में खड़ा करते हैं, और फिर राम को ऐसे नहीं वैसे अपनाना, वैसा नहीं ऐसा करना, लिखते हैं.यह जो समर्पण है, वही राम का प्रिय बनाता है!के पारासरण K Parasaran ने अपने प्रभु श्री राम के लिए यह लड़ाई जीती है, श्री अर्थात सिया तो राम के साथ ही हैं, राम तो लला हैं ही,

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