गद्दार से निर्दोष साबित हुए ISRO के वैज्ञानिक नाबी नारायण को मिला 1.30cr का मुआवजा।aazad news

गद्दार से निर्दोष साबित हुए ISRO के वैज्ञानिक नाबी नारायण को मिला 1.30cr का मुआवजा।aazad news

केरल सरकार ने मंगलवार को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO)के पूर्व वैज्ञानिक नांबी नारायणन को ढाई दशक पुराने जासूसी मामले के निपटारे के लिए 1.30 करोड़ रुपये का अतिरिक्त मुआवजा दिया, जिसमें उन्हें राज्य पुलिस द्वारा फंसाया गया था। बता दें कि पिछले साल दिसंबर में ही केरल राज्य कैबिनेट ने इसरो के पूर्व वैज्ञानिक एस नांबी नारायणन को 1.30 करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मंजूरी दे दी थी।
दो महीने कालकोठरी में बीते थे

  • नवंबर 1994 में गिरफ्तारी के बाद दिसंबर को जांच सीबीआई को सौंपी गई
  • पुलिस और बाद में सीबीआई मामले की जांच में सबूत नहीं खोज पाई
  • 50 दिनों की कैद के बाद नारायणन को जनवरी 1995 में जमानत मिली
  • अप्रैल 1996 में सीबीआई ने माना मामला फर्जी केस बंद करने का अनुरोध
  • मई 1996 में मजिस्ट्रेट अदालत ने मामला खारिज कर सभी को बरी किया
  • 1996 में माकपा सरकार ने मामले पर दोबारा जांच शुरू करने की पहल की
  • 1998 में सुप्रीम कोर्ट ने मामला रद्द कर सभी को आरोप मुक्त किया इसरो जासूसी मामला दो वैज्ञानिकों और दो मालदीवियन महिलाओं सहित चार अन्य लोगों द्वारा दुश्मन देशों को काउंटी के क्रायोजेनिक इंजन प्रौद्योगिकी के कुछ गोपनीय दस्तावेजों और सीक्रेट के हस्तांतरण के आरोपों से संबंधित है। नंबी नारायणन के खिलाफ साल 1994 में दो कथित मालदीव के महिला खुफिया अधिकारियों को रक्षा विभाग से जुड़ी गुप्त जानकारी लीक करने का आरोप लगा था। नारायण को इस मामले में गिरफ्तार भी किया था।

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