दरभंगा:शिक्षा बाज़ार में बेची जाने वाली वस्तु नहीं, हर भारतीय का मूल अधिकार है-आइसा

दरभंगा:शिक्षा बाज़ार में बेची जाने वाली वस्तु नहीं, हर भारतीय का मूल अधिकार है-आइसा

शिक्षा बाज़ार में बेची जाने वाली वस्तु नहीं, हर भारतीय का मूल अधिकार है-आइसा

NEP के नाम पर शिक्षा का खरीद-फ़रोख़्त बन्द करो-आइसा

ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देना बंद करो! यह भेदभावकारी है-संदीप

नई शिक्षा नीति के खिलाफ आइसा के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर प्रतिरोध।
दरभंगा/बिहार:ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन(आइसा) के राष्ट्रव्यापी प्रतिरोध दिवस के तहत ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय परिसर स्थित अम्बेडकर मूर्ति के समझ दरभंगा के छात्रों के द्वारा प्रतिवाद किया गया।प्रतिवाद में छात्रों ने नई शिक्षा नीति की प्रति जलाई।कार्यक्रम का नेतृत्व आइसा जिला सचिव विशाल मांझी ने किया।जबकि आयोजित सभा की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष प्रिंस राज ने किया।

सभा को संबोधित करते हुए आइसा के राज्य सह सचिव संदीप कुमार चौधरी ने कहा कि नई शिक्षा नीति गरीब-वंचित समाज के लोगो को शिक्षा से वंचित करने वाला है।उन्होंने कहा की शिक्षा बाज़ार में बेची जाने वाली वस्तु नहीं है बल्कि हर भारतीय का मूल अधिकार है।NEP के नाम पर शिक्षा का खरीद-फ़रोख़्त किया जाएगा।देश की भाजपा सरकार आरएसएस के इशारे पर शिक्षा का भगवाकरण करना चाहती है जो इस देश का छात्र नौजवान बरदास्त नही करेगा।उन्होंने कहा कि भेदभावकारी शिक्षा नीति नहीं को रद्द होने तक आइसा का आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का आधार प्रधानमंत्री का इस साल का सबसे मशहूर जुमला आत्मनिर्भर भारत है। नई शिक्षा नीतिके उद्देश्य एवं सिद्धान्त अधिकार आधारित दृष्टिकोण की बजाय कर्तव्य आधारित दृष्टिकोण की तस्वीर पेश करती है।

जिला अध्यक्ष प्रिंस राज ने कहा कि शिक्षा में RSS का दखल नहीं चलेगी।उन्होने कहा कि नई शिक्षा नीति में आरक्षण का कोई जगह नही है।शिक्षा सबके लिए और सस्ती होनी चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि नई शिक्षा नीति निजी स्कूलों को आर्थिक शोषण की खुली झूठ देती है। जो इस देश के छात्र युवा बर्दास्त नहीं करेंगे और शिक्षा को निजीकरण करने के खिलाफ लगातार आंदोलन जारी रखेंगे।

जिला सचिव विशाल मांझी ने कहा कि ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है यह भेदभावकारी है!मर्जर के नाम पर स्कूलों-कॉलेजों को बंद कर प्राइवेट संस्थानों को बढ़ावा देने वाली NEP इस देश के छात्रों को मंजूर नहीं है।

प्रतिवाद में नवीन कुमार चौधरी,राजू कर्ण, रमन निराला,मो सुफियान, मोहम्मद शहाबुद्दीन,अनिकेत रंजन,राजेश,सनोज पासवान सहित कई लोग शामिल थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *