दरभंगा: बाढ़ की स्थाई निदान के लिए किया गया सामूहिक उपवास!Aazad news

दरभंगा: बाढ़ की स्थाई निदान के लिए किया गया सामूहिक उपवास!Aazad news

Darbhanga:बाढ़ के स्थाई निदान के लिए डा राम मोहन झा शिक्षा प्रकोष्ठ के बिहार प्रदेश उपाध्यक्ष जदयू के नेतृत्व में शिक्षकों ने एक दिवसीय सामूहिक उपवास दरभंगा प्रमंडलीय आयुक्त के समक्ष किया। सामूहिक उपवास कार्यक्रम स्थल पर संबोधित करते हुए कहा कि बिहार सरकार 1954 से आज तक कागज पर ही बिहार में बाढ़ का निदान किया है ।-बाढ बिहार में नौकरशाहों और मंत्रियों एवं ठेकेदारों का वार्षिक लूट का एक कार्यक्रम है। यह लुटेरे कभी नहीं चाहेंगे एक बार समस्या का स्थाई निदान हो क्योंकि लूट का धंधा समाप्त न हो जाए। 1954 से आज तक बाढ़ में जितना खर्च हुआ है उसका सीबीआई द्वारा जांच किया जाए जिससे पता चले कि कितना उचित है ।
संवद्ध महाविद्यालय संघर्ष समिति के कार्यकारी अध्यक्ष प्रोफ़ेसर उदय शंकर मिश्र ने कहा कि बाढ का स्थाई निदान प्रकृति के साथ चलना है अंग्रेजों ने किसी भी बांध को नहीं बांधा उसके इंजीनियरों ने बांध को गैर जरूरी माना था। आजादी के बाद यहां की सरकार ने नदी के दोनों की छोरों को बांध दिया फलस्वरूप नदी में गांध जमता गया और नदी में गाध ऊपर होता गया। फलस्वरूप नदी टूट जाती है और वाढ का तांडव होता पहले बाढ ढाई दिन रहता था बाढ़ से खेत में उपजाउ मिट्टी आता था। आज वाढ विनाश का कारण है। और नौकरशाहों एवं मंत्रियों के लिए हर साल स्थाई लूट का धंधा है। मिथिला के आधी आबादी बाढ के कारण पलायन कर गई। भारत सरकार से मांग करता हूं कि बाढ का स्थाई निदान हो। जिससे प्रत्येक साल यहां के लोगों को दुख न भोगना पड़े। उचित जल प्रबंधन ही ही स्थाई निदान हो सकता है।
इस अवसर पर डॉ कुशेश्वर साहनी श्री चंद्र मोहन चौधरी ऑफिसर प्रमोद दास प्रोफेसर रंजीत महतो प्रोफेसर शंभू भगत प्रोफ़ेसर प्रमोद राय प्रोफेसर रचना चौधरी अजीजुल हक सुरेंद्र मोहन चौधरी प्रदर्शन सुमन कुमार चौधरी रिद्धि कुमार सिंह छोटू पासवान दिनेश चौधरी प्रभात कुमार चौधरी सहित कई लोग थे बाद में प्रधानमंत्री के नाम से ज्ञापन आयुक्त महोदय के सौंपा गया।

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