नेताओं को नजरबंद करवाना कोई नीतीश कुमार से सीखे।

नेताओं को नजरबंद करवाना कोई नीतीश कुमार से सीखे।

दरभंगा आने से पहले ही डरे सुशासन बाबू, नजरे आलम को 8 घंटे तक केवटी थाना में किया नजरबंद

मैं केवटी का बेटा हूँ, तानाशाह सरकार के आगे नहीं झुकूंगा: नजरे आलम

दरभंगा- बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दरभंगा दौरे से ठीक पहले सुबह सुबह ही मुस्लिम बेदारी कारवां के राष्ट्रीय अध्यक्ष नजरे आलम को उनके आवास से ही हिरासत में ले लिया गया और केवटी थाना में करीब 8 घण्टे तक हिरासत में रखा गया। हिरासत की खबर मिलते ही केवटी और उनके गांव और संगठन के लोगों में आक्रोश दिखने लगा और सोशल मीडिया और थाने पर लोगों द्वारा जबरदस्त विरोध के बाद उनको 4 बजे शाम के आसपास छोड़ दिया गया। थाने के आस पास समर्थकों की भीड़ जुटता देख पुलिस ने सभी दुकानें बंद करवा दी। 8 घंटे तक हिरासत में रखने के दौरान ही नजरे आलम का दोनों मोबाइल फोन 3 घंटे तक टेक्निकल सेल ने जब्त कर पूरे मोबाइल के डेटा को खंगाला जिसपर नजरे आलम ने कहा कि मुझे आशंका है कि मेरे मोबाइल फोन का डेटा भी टेक्निकल सेल वालों ने कापी कर लिया है जिसके साथ छेड़छाड़ भी ये लोग कर सकते हैं।

इस पुलिसिया करवाई पर श्री नजरे आलम का कहना था कि हक और इंसाफ की लड़ाई लड़ने का ये मुझे सरकारी इनाम मिला है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि सुशासन बाबू को दरभंगा दौरा के नाम से ही नजरे आलम याद आने लगता है। नजरे आलम ने कहा कि मुझे गैरकानूनी ढ़ंग से हिरासत में लिया गया और हमारे फोन को भी गैरकानूनी ढ़ंग से टेक्निीकल सले वालों ने खंगाला है।

आगे श्री आलम ने कहा की जमाल अतहर रूमी, गंगा देवी, प्रो0 उमेश चंद्र, ओम प्रकाश गुप्ता आदि की सरकारी हत्याओं में जबतक उच्चस्तरीय जांच नहीं होगी और मुजरिमों को सजा नहीं मिल जाती मैं चुप रहने वाला नहीं हूँ, मैं इन तंत्रों से नहीं डरता। मुख्यमंत्री का ये दौरा सुपर फ्लॉप और सिर्फ लोगों को दिगभ्रमित करने के लिए था। मुख्यमंत्री का 15 साल का कार्यकाल बाढ़ को रोक पाने में असफल रहा है। न्याय के साथ विकास का उनका नारा बिल्कुल फ्लॉप हो चुका है। जनता में अब उनकी लोकप्रियता शून्य है। इस घटना पर जल्द ही एक प्रेस कांफ्रेंस कर श्री नजरे आलम अपनी पूरी बात और आगे की रणनीति लोगों के सामने रखेंगे।

हिरासत के दौरान बड़े भाई केवटी प्रखंड के मुखिया संघ के अध्यक्ष फतेह अहमद मुखिया जी, केवटी जिला परिषद सदस्य समिउल्लाह खान शमीम, पूर्व जिला परिषद सदस्य अखलाक अहमद, शमसे आलम पप्पु, जीषान अख्तर, अहमद बषर, राजा खान, मोतिउर रहमान, हीरा नेजामी, जदयू के पूर्व नेता इकबाल अंसारी, मो0 भोला, मो0 नूरैन, चांद बाबु, जकी अहमद, मो0 सबील, कारी भाई, छोटु, शुभम कुमार, मो0 निराला, अबरार अहमद, महफुज आलम, मो0 नाजिर, मो0 कैफी आदि बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *