मर्डर और अपराध को पचाने में माहिर है दरभ़ंगा प्रशासन: नजरे आलम

मर्डर और अपराध को पचाने में माहिर है दरभ़ंगा प्रशासन: नजरे आलम

मर्डर और अपराध को पचाने में माहिर है दरभ़ंगा प्रशासन: नजरे आलम

देर हो जाए और अगला नम्बर हमारा आपका आए, इससे पहले जाग जाइए और रूमी जी के हत्यारे को अंजाम तक पहुंचाइए- बेदारी कारवां

दरभंगा- दरभंगा जिला के सिंहवाड़ा प्रखंड के‌ बिरदीपुर निवासी जिला परिषद सदस्य जमाल अतहर रूमी हत्या पर मुस्लिम नेताओं की खामोशी चिंताजनक और अफसोसनाक!

जनप्रतिनिधि अपने नम्बर का इंतजार ना करें! आज रूमी तो कल आपका नम्बर भी आ सकता है! इससे पहले के अगला नम्बर आपका या हमारा आए जुल्म के खिलाफ जुबान खोलें और रूमी साहब की दरभ़ंगा प्रशासन की मिलिभगत से डीएमसीएच में किए गए मर्डर और लाश के साथ बदसुलूकी किए जाने के खिलाफ आवाज उठाने में सहयोग करें और इस लड़ाई में साथ खड़े हों ताकि फिर कोई दूसरा रूमी दरभ़ंगा प्रशासन का शिकार ना हो!! मालती देवी जी जो जिला परिषद सदस्य हैं उनके जज्बे को सलाम उन्होंने रूमी हत्या मामले में ना सिर्फ अपना इस्तीफा चेयरमैन को सौंपा बल्कि बाकी के जनप्रतिनिधियों के मुंह पर बड़ा तमाचा भी जड़ दिया जो यह कहते नहीं थकते की जनता के हर दुःख दर्द में साथ खड़े हैं, जब जनप्रतिनिधियों की हत्या पर जनप्रतिनिधि एकजुट नहीं हो सकते, आवाज नहीं उठा सकते तो ऐसे जनप्रतिनिधि जनता की क्या खाक मदद करेंगे। उक्त बातें ऑल इंडिया मुस्लिम बेदारी कारवां के अध्यक्ष नजरे आलम ने कही।

श्री नजरे आलम ने कहा कि काश‌ मालती देवी के जैसा जज्बा खुदको मुस्लिमों का रहनुमा बताने वाले और मुस्लिमों का‌ वोट लेकर नेता बनने वालों का हो जाता तो निश्चित रूप से किसी की हिम्मत नहीं होगी जो किसी और रूमी का साजिश रच कर हत्या कर दे और लाश के साथ बदसुलूकी करे।

देर हो जाए! इससे पहले जाग‌ जाइए। हमें आप सभी पर पूरा यकीन है के रूमी का खून यूंही रायगां नहीं जाने देंगे, न्याय दिलाने में आप‌ सभी का सहयोग मिलेगा तभी दरभ़ंगा पुलिस की साज़िश का पर्दा फाश हो सकेगा। जनता के सामने दरभ़ंगा पुलिस प्रशासन और डीएमसीएच के डाक्टरों का चरित्र सामने लाना बहुत जरूरी है। पूरे बिहार में सबसे करप्ट प्रशासन दरभ़ंगा की है दर्जनों मर्डर को पचाने में माहिर है दरभ़ंगा प्रशासन, जब वरीय पुलिस अधीक्षक का बाॅडीगार्ड आत्महत्या कर लेता है और केस दबा दिया जाता है तो समझा जा सकता है के आम नागरिकों के साथ पुलिस प्रशासन किया करती होगी। वरीय पुलिस अधीक्षक का बाॅडीगार्ड कोई सुशांत सिंह राजपूत के जैसा वोट बैंक थोड़े है जिसपर नीतीश कुमार एंड एनडीए कम्पनी के साथ साथ खुद डीजीपी बिहार भी अहम भूमिका में हैं के सुशांत के आत्महत्या का राज खुले और दोषियों को सजा मिले। हम उम्मीद करते हैं गरीब परिवार का बेटा दरभ़ंगा वरीय पुलिस अधीक्षक का बाॅडीगार्ड जिसने एसपी आवास पर ही आत्महत्या कर लिया था उसकी भी जांच डीजीपी बिहार और नीतीश कुमार एंड कम्पनी जरूर करायेंग।

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