बीएड छात्रों को आमरण अनशन पर बैठने को मजबूर होना पड़ा, जिसमें से एक छात्रा की तबीयत काफी खराब है।

बिहार में शिक्षा के नाम पर तमाम दावे किए जाते हैं लेकिन हकीकत कुछ और ही रहती है विश्वविद्यालयों के ढुलमुल रवैया से तमाम छात्रों का भविष्य बिगड़ जाता है लेकिन कोई सुनने वाला नहीं यह वाक्या है मुजफ्फरपुर में स्थित बाबा साहब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय का जहां परीक्षा के साढे 3 साल बीतने के बाद भी मार्कशीट और सर्टिफिकेट ना मिलने के कारण अब दूरस्थ शिक्षा निदेशालय के बीएड छात्रों को आमरण अनशन पर बैठने को मजबूर होना पड़ा जिसमें से एक छात्रा की तबीयत काफी खराब है वहीं छात्रों ने बताया कि हमारा 2014 से 16 शैक्षणिक सत्र था और हम सभी पास भी हुए थे लेकिन हम छात्रों का ना तो मार्कशीट मिला, ना ही डिग्री सर्टिफिकेट भी नहीं मिला है जिस कारण हम अब शिक्षक नियोजन में शामिल नहीं हो पा रहे है इसी वजह से आमरण अनशन पर बैठे हैं और जब तक सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा तब तक आमरण अनशन पर जारी रहेंगे।

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