बाल दिवस के अवसर पर बचपन बचाओ आंदोलन के द्वारा विभिन्न जगहों पर स्लोगन पेंटिंग का कार्य शुरू करवाया गया।

सीतामढ़ी :दिनांक 14-11-2020 को बाल दिवस के अवसर पर बचपन बचाओ आंदोलन के द्वारा डुमरा प्रखंड के बरहरवा गांव में विभिन्न जगहों पर स्लोगन पेंटिंग का कार्य शुरू करवाया गया है। जो बच्चों के उज्ज्वल भविष्य एवं उनकी सुरक्षा हेतु सबो को जागरूक करने का कार्य करेगी ।
बाल अधिकारों के संरक्षण हेतु नारा हर बच्चे का है अधिकार, रोटी, खेल, पढ़ाई, प्यार ,
बच्चा-बच्चा करे पुकार अब बंद करो बाल मजदूरी ,बाल विवाह, बाल व्यापार,
बेटी मेरी अभी पढेगी ,बाल विवाह की सूली नहीं चढेगी , आदि नारा लिखवाकर गांव को बाल शोषण मुक्त बनाने का संकल्प लिया गया जिसमें गांव के बच्चों में एक नई उत्साह देखने को मिली इस मौके पर जिला बाल संरक्षण इकाई के सामाजिक कार्यकर्ता अभिषेक कुमार एवं बचपन बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ता मुकुंद चौधरी ने बच्चों के उज्जवल भविष्य एवं सुरक्षा की कामना करते हुए बच्चों को बाल दिवस के अवसर पर चॉकलेट , पुस्तिका देकर प्रोत्साहन किया तथा बाल श्रम एवं बाल विवाह जैसे कुरीतियों को दूर करने का शपथ लिया ।

मौके पर मुकुंद चौधरी ने बताया कि बाल शोषण मुक्त गांव बनाने के लिए बचपन बचाओ आंदोलन के द्वारा डुमरा प्रखंड के राजोपट्टी एवं परिहार प्रखंड के चांदपुरा गांव में भी स्लोगन पेंटिंग करवाई जाएगी इन तीनों गांव के सात बाल मजदूरों को पूर्व में बाल मजदूरी से बचपन बचाओ आंदोलन ने प्रशासन की मदद से मुक्त करवाया है , ग्रामीण स्तरीय बाल संरक्षण समिति जो कि बचपन बचाओ आंदोलन ने जिला बाल संरक्षण इकाई के साथ मिलकर बनाई है ताकि इन गांवो से जो बच्चे मुक्त हुए हैं वह फिर से बाल तस्करी का शिकार न हो और दूसरे बच्चे भी बाल मजदूरी और बाल तस्करी के शिकार ना हो जो सपना बचपन बचाओ आंदोलन के संस्थापक नोबेल पुरस्कार विजेता श्री कैलाश सत्यार्थी जी ने देखा है की किसी भी बच्चे के साथ शोषण न हो पुरा देश बाल शोषण मुक्त हो वह सपना साकार हो सके ।

रिपोर्ट-प्रणव पराशर

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